यूँ तो हर रोज मुलाकात की जाती है उनसे, पर जता न सके। दिल की हर बात बता दी जाती है उनसे, पर जता न सके। हर काम की फरियाद की जाती है उनसे , पर जता न सके। यूँ तो सिर्फ एक-दूसरे से ही बातें किया करते हैं, पर अपना न सके। हर पल एक-दूसरे के बारे में ही सोचा करते हैं, पर अपना न सके। मुसीबत में खड़ा एक-दूसरे को ही पाया करते हैं, पर अपना न सके। यूँ तो हर लम्हा कट ही जाया करता है खुशी से, पर भुला न सके। जिंदगी बढ़ चली है आगे उन सभी लम्हों से, पर भुला न सके। बात पता थी होगा ऐसा भी एक बार, पहले से, पर भुला न सके। यूँ तो इस रिश्ते को बहुत से नाम दिए इस दुनिया ने, पर बता न सके। कुछ बदनाम तो कुछ गुमनाम दिए इस दुनिया ने, पर बता न सके। कुछ नाम दिया जाए इसे, सोचा खुद कई बार हमने, पर बता न सके।