#गुमनाम रिश्ता

यूँ तो हर रोज मुलाकात की जाती है उनसे,
पर जता न सके।
दिल की हर बात बता दी जाती है उनसे,
पर जता न सके।
हर काम की फरियाद की जाती है उनसे ,
पर जता न सके।

यूँ तो सिर्फ एक-दूसरे से ही बातें किया करते हैं,
पर अपना न सके।
हर पल एक-दूसरे के बारे में ही सोचा करते हैं,
पर अपना न सके।
मुसीबत में खड़ा एक-दूसरे को ही पाया करते हैं,
पर अपना न सके।

यूँ तो हर लम्हा कट ही जाया करता है खुशी से,
पर भुला न सके।
जिंदगी बढ़ चली है आगे उन सभी लम्हों से,
पर भुला न सके।
बात पता थी होगा ऐसा भी एक बार, पहले से,
पर भुला न सके।

यूँ तो इस रिश्ते को बहुत से नाम दिए इस दुनिया ने,
पर बता न सके।
कुछ बदनाम तो कुछ गुमनाम दिए इस दुनिया ने,
पर बता न सके।
कुछ नाम दिया जाए इसे, सोचा खुद कई बार हमने,
पर बता न सके।

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